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खेल के रंग में रंगा बस्तर: 7 जिलों के खिलाड़ी और ‘नुआ बाट’ टीम की दमदार एंट्री

बस्तर। खेल को सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाने वाला बस्तर ओलिंपिक आज 11 दिसंबर से जगदलपुर में नई ऊर्जा के साथ शुरू हो रहा है। तीन दिनों तक चलने वाले इस भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे, जबकि 13 दिसंबर को होने वाले समापन समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह विजेता खिलाड़ियों का सम्मान करेंगे।

इस वर्ष प्रतियोगिता का दायरा और भी विस्तृत हो गया है। बस्तर संभाग के सातों जिले—कांकेर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, बीजापुर और कोंडागांव—से बड़ी संख्या में खिलाड़ी जगदलपुर पहुंचे हैं। उल्लेखनीय बात यह है कि इस बार बस्तर ओलिंपिक में सरेंडर नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के सदस्य भी मैदान में उतर रहे हैं, जिससे प्रतियोगिता में नई सामाजिक संवेदना जुड़ गई है।

आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष विभिन्न खेलों में 761 से अधिक खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी से भी अधिक संख्या है।

बस्तर रेंज के IG सुंदरराज पी ने बताया कि सात जिला टीमों के अतिरिक्त इस बार एक विशेष आठवीं टीम भी शामिल की गई है, जिसे ‘नुआ बाट’ नाम दिया गया है। ‘नुआ बाट’ का अर्थ है—नई राह, और इस टीम में सरेंडर नक्सली तथा हिंसा प्रभावित परिवारों के सदस्य शामिल हैं। IG ने बताया कि वर्ष 2024 में जहां खिलाड़ी मात्र 350 थे, वहीं इस बार यह संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है, जिसमें नया योगदान ‘नुआ बाट’ टीम का है।

IG ने जोर देकर कहा कि यह मंच इन युवाओं को मुख्यधारा में लाने का अवसर देने के साथ-साथ उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत करेगा। बस्तर ओलिंपिक केवल खेल महोत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, बदलाव और शांति का प्रतीक बन चुका है।

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